सह संपादक नसीब कुरैशी
हरिद्वार में बोर्ड परीक्षा के दौरान धारा 163 लागू, 200 मीटर क्षेत्र में निषेधाज्ञाहरिद्वार, 18 फरवरी 2026।नगर मजिस्ट्रेट हरिद्वार कुश्म चौहान ने जानकारी दी है कि उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद द्वारा आयोजित वर्ष 2026 की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट (दसवीं एवं बारहवीं) बोर्ड परीक्षाएं 21 फरवरी 2026 से 20 मार्च 2026 तक जनपद हरिद्वार के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर संपन्न कराई जाएंगी।नगर क्षेत्र हरिद्वार के सेक्टर संख्या 01 स्थित परीक्षा केंद्रों में रा०इ०का० भेल (कोड 003), पी०बी०म्यू०इ०का० मायापुर (कोड 004), डॉ० हरिराम आर्य इ०का० मायापुर (कोड 006), आनंदमयी सेवा सदन इ०का० मायापुर (कोड 007), श्रीमती शा०शा०म०इ०का० सतीकुंड कनखल (कोड 008), एस०एम०एस०डी०इ०का० कनखल (कोड 009), ज्वालापुर इ०का० ज्वालापुर (कोड 011), आदर्श शिशु निकेतन इ०का० धीरवाली ज्वालापुर (कोड 087), राजकीय कन्या इंटर कॉलेज ज्वालापुर (कोड 012), म्यू०इ०का० ज्वालापुर (कोड 013), सरस्वती वि०म०इ०का० सेक्टर-2 बीएचईएल (कोड 058) तथा सरस्वती एवं वि०म०इ०का० मायापुर (कोड 069) सहित अन्य केंद्र शामिल हैं।परीक्षाओं को नकलविहीन, बाधारहित एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर की परिधि में निषेधाज्ञा लागू की गई है। यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 (पूर्व धारा 144 दंड प्रक्रिया संहिता, 1973) के अंतर्गत जारी किया गया है।जारी आदेश के अनुसार परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में बिना पूर्व अनुमति पांच या अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने, सार्वजनिक सभा करने, जुलूस निकालने तथा धरना-प्रदर्शन करने पर प्रतिबंध रहेगा। साथ ही किसी भी प्रकार से जनभावनाओं को भड़काने अथवा लोक शांति भंग करने वाले कृत्य पूर्णतः वर्जित रहेंगे।निर्धारित सीमा में ध्वनि प्रदूषण मानकों से अधिक शोर करना प्रतिबंधित होगा। परीक्षा केंद्रों के आसपास लाठी, चाकू, तलवार, भाला, आग्नेयास्त्र, विस्फोटक पदार्थ जैसे तेजाब, पेट्रोल आदि ले जाना या रखना भी प्रतिबंधित रहेगा।परीक्षा केंद्र की 200 मीटर की परिधि में शांति व्यवस्था में नियुक्त अधिकारी, कर्मचारी एवं पुलिस बल के अतिरिक्त किसी अन्य व्यक्ति का प्रवेश निषिद्ध होगा। परीक्षा केंद्र परिसर में परीक्षार्थियों को पाठ्य सामग्री, सेलुलर फोन एवं पेजर ले जाने की अनुमति नहीं होगी।नगर मजिस्ट्रेट ने चेतावनी दी है कि आदेशों का उल्लंघन करने पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
नसीब कुरैशी
