सह संपादक (नसीब कुरैशी)देहरादून स्थित मुख्यमंत्री आवास में सोमवार को पारंपरिक उल्लास और सांस्कृतिक गरिमा के साथ होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में उत्तराखण्ड की समृद्ध लोकसंस्कृति, रंग-गुलाल, लोकगीत और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की मधुर ध्वनियों के बीच उत्साहपूर्ण वातावरण देखने को मिला। विभिन्न क्षेत्रों से आए लोक कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को रंगमय बना दिया।इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को होली की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि होली केवल रंगों का उत्सव नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, आपसी विश्वास और भाईचारे का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक विविधता राज्य की सबसे बड़ी शक्ति है और ऐसे आयोजन हमारी परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बनते हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार लोकसंस्कृति, लोकभाषाओं और पारंपरिक कलाओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर प्रयासरत है। हमारी सांस्कृतिक विरासत ही उत्तराखण्ड की पहचान है और इसे सहेजना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।समारोह में मंत्रीगण, विधायकगण, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी तथा समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़े गणमान्य उपस्थित रहे। सभी ने मुख्यमंत्री से भेंट कर होली की शुभकामनाएं प्रेषित कीं। कार्यक्रम के दौरान गढ़वाल, कुमाऊँ, जौनसार-बावर और तराई क्षेत्र की पारंपरिक होली एवं लोकधुनों ने समूचे वातावरण को उत्सवमय बना दिया। उपस्थित जनों ने पारंपरिक ढंग से एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर प्रेम और सौहार्द का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री आवास में सजी रंग, रस और लोकसंस्कृति की अनुपम छटा; होली मिलन में गूंजा सामाजिक समरसता और भाईचारे का संदेशया
