हरिद्वार: बैसाखी पर मूल स्थान जाने की अनुमति की मांग, प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
प्रधान संपादक
गुलफान अहमद
हरिद्वार में श्री गुरु नानक देव धर्म प्रचार समिति ने बैसाखी पर्व के अवसर पर गुरुद्वारा श्री ज्ञान गोदड़ी साहिब के मूल स्थान पर जाने की अनुमति को लेकर जिलाधिकारी (डीएम) और एसएसपी को ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन समिति के अध्यक्ष सूबा सिंह ढिल्लों के नेतृत्व में दिया गया।ज्ञापन में बताया गया कि 14 अप्रैल को बैसाखी के पावन पर्व पर हर वर्ष की तरह इस बार भी सिख संगत हर की पौड़ी स्थित गुरुद्वारा ज्ञान गोदड़ी साहिब के मूल स्थान पर जाकर अरदास करना चाहती है। समिति के अनुसार यह वही ऐतिहासिक स्थल है जहां गुरु नानक देव जी अपनी यात्राओं के दौरान पहुंचे थे और लोगों को ज्ञान का उपदेश दिया था।समिति ने अपने ज्ञापन में उल्लेख किया कि वर्ष 1978 में हरिद्वार नगर निगम ने सौंदर्यकरण के नाम पर इस स्थान का अधिग्रहण कर लिया था। अन्य स्थानों को उनके स्वामियों को वापस कर दिया गया, लेकिन यह ऐतिहासिक स्थल सिख समाज को नहीं सौंपा गया। बाद में यह स्थान भारत स्काउट्स एंड गाइड्स को दे दिया गया, जहां वर्तमान में उनका कार्यालय संचालित है।समिति का कहना है कि गुरुद्वारा ज्ञान गोदड़ी साहिब का मूल स्थान हर की पौड़ी पर ही स्थित है, जिसके साक्ष्य निगम के अभिलेखों में मौजूद हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगत किसी वैकल्पिक स्थान को स्वीकार नहीं करेगी और इसे आस्था से जुड़ा विषय बताया।ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि हर वर्ष बैसाखी पर हरिद्वार पुलिस द्वारा नाकाबंदी कर संगत को हर की पौड़ी जाने से रोक दिया जाता है, जिससे श्रद्धालुओं में आक्रोश व्याप्त रहता है। समिति ने प्रशासन से इस वर्ष बैसाखी पर संगत को मूल स्थान पर जाकर अरदास करने की अनुमति देने की मांग की है।इस दौरान संरक्षक बाबा पंडित ने बताया कि पिछले 10 वर्षों से प्रेमनगर पुल के पास धरना दिया जा रहा है, क्योंकि प्रशासन हर की पौड़ी स्थित नाई सोता के पास मूल स्थान पर जाने की अनुमति नहीं देता। उन्होंने कहा कि बैसाखी के अवसर पर सिख समाज को वहां माथा टेकने की अनुमति दी जानी चाहिए।समिति के अध्यक्ष सूबा सिंह ढिल्लों ने चेतावनी दी कि जब तक गुरुद्वारे के लिए मूल स्थान नहीं मिलता, आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने सरकार पर सिख समाज की भावनाओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया।ज्ञापन सौंपने के दौरान जसकरण, सतपाल चौहान, गुरविंदर सिंह चीमा, शेर सिंह, बिक्रमजीत सिंह, सागर ठाकुर और गुरप्रीत सिंह सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
