उत्तराखण्ड की अर्थव्यवस्था को मिली रफ्तार, GSDP 3.81 लाख करोड़; प्रति व्यक्ति आय में भी बड़ा इजाफा

संपादक ( गुलफान अहमद )

देहरादून। सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रमुख सचिव डॉ. आर. मीनाक्षी सुन्दरम ने राज्य की आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट के प्रमुख आंकड़े साझा किए। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024-25 में उत्तराखण्ड की सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) बढ़कर ₹3,81,889 करोड़ हो गई है, जबकि वर्ष 2021-22 में यह ₹2.54 लाख करोड़ थी। इस अवधि में राज्य की अर्थव्यवस्था में डेढ़ गुना से अधिक वृद्धि दर्ज की गई है।उन्होंने बताया कि वर्ष 2021-22 में राज्य की प्रति व्यक्ति आय ₹1,94,670 थी, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर ₹2,73,921 हो गई है। यह आर्थिक सर्वेक्षण National Council of Applied Economic Research (NCEAR) के सहयोग से तैयार किया गया है।प्रमुख सचिव ने बताया कि वर्ष 2024-25 में राज्य की विकास दर 7.23 प्रतिशत दर्ज की गई है। वहीं बहुआयामी गरीबी सूचकांक (MPI) वर्ष 2021-22 के 9.7 प्रतिशत से घटकर वर्ष 2024-25 में 6.92 प्रतिशत पर आ गया है। श्रम बल भागीदारी दर (LFPR) वर्ष 2021-22 के 60.1 प्रतिशत से बढ़कर वर्ष 2024-25 में 64.4 प्रतिशत हो गई है, जो रोजगार के क्षेत्र में 4.3 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाती है।उन्होंने बताया कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2021-22 में MSME इकाइयों की संख्या 59,798 थी, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 79,394 हो गई है। वहीं MSME क्षेत्र में रोजगार पाने वालों की संख्या वर्ष 2022 में 3,43,922 थी, जो वर्ष 2025 में बढ़कर 4,56,605 तक पहुंच गई है।स्टार्टअप के क्षेत्र में भी राज्य ने तेजी से प्रगति की है। वर्ष 2017 तक राज्य में स्टार्टअप की संख्या शून्य थी, जो वर्ष 2021-22 में 702 और वर्ष 2024-25 में बढ़कर 1,750 हो गई है।इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। वर्ष 2022 तक राज्य में केवल दो हेलीपोर्ट थे, जो वर्ष 2025 में बढ़कर सात हो गए हैं। वहीं हेलीपैड की संख्या वर्ष 2021-22 के 60 से बढ़कर वर्ष 2024-25 में 118 हो गई है।शिक्षा के क्षेत्र में राज्य में शासकीय एवं अशासकीय डिग्री कॉलेजों की संख्या वर्ष 2021-22 के 124 से बढ़कर वर्ष 2024-25 में 139 हो गई है। वहीं इंजीनियरिंग कॉलेजों की संख्या भी वर्ष 2021-22 के 20 से बढ़कर 52 हो गई है।ऊर्जा क्षेत्र में भी राज्य ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। वर्ष 2021-22 में जहां कुल विद्युत उत्पादन 5,157 मिलियन यूनिट था, वहीं वर्ष 2024-25 में यह बढ़कर 16,500 मिलियन यूनिट हो गया है। सौर ऊर्जा उत्पादन भी वर्ष 2021-22 के 439 मेगावाट से बढ़कर वर्ष 2025 में 1027 मेगावाट तक पहुंच गया है।स्वास्थ्य के क्षेत्र में शिशु मृत्यु दर वर्ष 2021-22 के 22 से घटकर वर्ष 2024-25 में 20 हो गई है। वहीं मातृ मृत्यु दर भी 103 से घटकर 91 पर आ गई है।प्रमुख सचिव ने बताया कि राज्य में वर्ष 2021-22 में 97 प्रतिशत घरों में शौचालय की सुविधा थी, जो अब शत-प्रतिशत हो गई है। कृषि क्षेत्र में भी उत्पादन में वृद्धि दर्ज की गई है। मेडिसनल एवं एरोमेटिक प्लांट्स का उत्पादन क्षेत्र वर्ष 2021-22 के 900 हेक्टेयर से बढ़कर वर्ष 2024-25 में 10 हजार हेक्टेयर तक पहुंच गया है।उन्होंने बताया कि दुग्ध उत्पादन वर्ष 2021-22 के 50.92 लाख लीटर प्रतिदिन से बढ़कर वर्ष 2024-25 में 54.59 लाख लीटर प्रतिदिन हो गया है। वहीं मत्स्य उत्पादन भी 7,325 टन प्रतिवर्ष से बढ़कर 10,487 टन प्रतिवर्ष हो गया है।पर्यटन क्षेत्र में भी वृद्धि देखने को मिली है। वर्ष 2021-22 में राज्य में 8,225 होटल थे, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 10,509 हो गए हैं। वहीं होमस्टे की संख्या 3,935 से बढ़कर 6,161 हो गई है।उन्होंने बताया कि सतत विकास लक्ष्यों (SDG) के इंडेक्स में वर्ष 2021-22 में उत्तराखण्ड चौथे स्थान पर था, जबकि वर्ष 2023-24 में राज्य ने पहला स्थान प्राप्त किया। वहीं वर्ष 2026-27 के लिए राज्य की GSDP वृद्धि दर 8.2 प्रतिशत अनुमानित की गई है।

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