सह संपादक नसीब कुरैशीह
रिद्वार।
जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाओं और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए 15 जून से 15 जुलाई तक विशेष वित्तीय समावेशन अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान हरिद्वार की सभी 318 ग्राम पंचायतों में “फाइनेंशियल इन्क्लूजन सैचुरेशन कैंप” आयोजित कर पात्र परिवारों को विभिन्न बैंकिंग एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ा जाएगा।अभियान की तैयारियों को लेकर गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, विभिन्न बैंकों के अधिकारी, सरकारी विभागों के प्रतिनिधि एवं अन्य संबंधित हितधारक मौजूद रहे। इस दौरान अभियान के सफल संचालन के लिए विस्तृत कार्ययोजना पर चर्चा की गई।वित्तीय सेवाएं विभाग (डीएफएस), भारत सरकार के निर्देशानुसार आयोजित किए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार तक बैंकिंग सेवाओं और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ पहुंचाकर वित्तीय समावेशन को शत-प्रतिशत सुनिश्चित करना है।जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सभी बैंकों एवं संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि ग्राम पंचायत स्तर पर लगने वाले कैंपों में पात्र व्यक्तियों के बैंक खाते खोले जाएं तथा उन्हें प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) और अटल पेंशन योजना (APY) से जोड़ा जाए। इसके साथ ही डिजिटल बैंकिंग, आधार सीडिंग, नामांकन, सीकेवाईसी एवं री-केवाईसी जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएं।उन्होंने सभी विभागों और बैंकों से आपसी समन्वय के साथ अभियान को सफल बनाने तथा अधिक से अधिक लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाने का आह्वान किया। मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र ने भी ग्राम पंचायत स्तर पर व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने और निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।बैठक में एलडीएम दिनेश कुमार गुप्ता ने जनपद के सभी बैंकों से इस महत्वाकांक्षी अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि वित्तीय समावेशन के राष्ट्रीय लक्ष्य को हासिल करने में बैंकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश सहित विभिन्न बैंकों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
