सह संपादक नसीब कुरैशी
हरिद्वार, 31 जुलाई। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान को लेकर ज्वालापुर निवासी आबाद कुरैशी ने जिला प्रशासन से प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और जनसुलभ बनाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पहले घर-घर जाकर फॉर्म भरवाए गए, लेकिन अब लोगों को नोटिस भेजकर तहसील और संबंधित कार्यालयों के चक्कर लगवाए जा रहे हैं। उनका आरोप है कि वार्डों में लोगों को प्रक्रिया की पूरी जानकारी नहीं दी जा रही और कर्मचारी केवल नोटिस देकर लौट जा रहे हैं।आबाद कुरैशी का कहना है कि इस व्यवस्था से सबसे अधिक गरीब और अनपढ़ लोग प्रभावित हो रहे हैं। कई लोग नोटिस पढ़ या समझ नहीं पा रहे हैं, जिससे उन्हें बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इस संबंध में लगातार शिकायतें मिल रही हैं।उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसा प्रतीत होता है कि SIR प्रक्रिया की आड़ में एक विशेष वर्ग के मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रक्रिया में पारदर्शिता और स्पष्टता नहीं लाई गई तो बड़ी संख्या में लोग अपने मताधिकार से वंचित हो सकते हैं। साथ ही उन्होंने SIR अभियान की धीमी गति पर भी सवाल उठाए।जिला निर्वाचन अधिकारी से मांग करते हुए आबाद कुरैशी ने कहा कि प्रत्येक वार्ड और मोहल्ले में विशेष शिविर लगाए जाएं, जहां लोगों को प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज और अंतिम तिथि की पूरी जानकारी दी जाए। उन्होंने सभी सरकारी कर्मचारियों और बीएलओ को सम्मानजनक व्यवहार के साथ नागरिकों को मार्गदर्शन देने के निर्देश जारी करने की भी मांग की। इसके अलावा नोटिस के साथ पूरी प्रक्रिया की लिखित जानकारी उपलब्ध कराने, अभियान में तेजी लाने और किसी भी प्रकार के भेदभाव से बचते हुए पूर्ण पारदर्शिता बरतने की अपील की।आबाद कुरैशी ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए प्रत्येक पात्र नागरिक को सही जानकारी और आवश्यक सहयोग मिलना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो जनता के साथ मिलकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाई जाएगी।
