प्रधान संपादक गुलफान अहमद
हरिद्वार, 6 अगस्त। कांवड़ यात्रा-2026 के दौरान लगातार हो रही भारी बारिश के बीच जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने गुरुवार को नारसन बॉर्डर पहुंचकर यात्रा व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, चेक पोस्ट, ट्रैफिक डायवर्जन तथा श्रद्धालुओं के लिए लगाए गए सेवा शिविरों का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान डीएम और एसएसपी ने सीमा पर तैनात प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों से व्यवस्थाओं की जानकारी ली और कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम आवागमन तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कांवड़ यात्रियों से प्रशासन की गाइडलाइन का पालन करने, निर्धारित मार्गों का उपयोग करने और यातायात नियमों का अनुपालन करने की अपील की।अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार 10 फीट से अधिक चौड़ाई और 12 फीट से अधिक ऊंचाई वाली कांवड़ तथा मानकों के विपरीत संचालित डीजे को जनपद में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है। ऐसे सभी डीजे और कांवड़ को नारसन बॉर्डर से वापस भेजा जा रहा है। साथ ही सीमा पर प्रत्येक वाहन और डीजे की सघन जांच करने तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।भारी वर्षा के चलते डीएम और एसएसपी ने जलभराव प्रभावित क्षेत्रों का भी निरीक्षण किया तथा संबंधित अधिकारियों को जल निकासी की त्वरित और प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि कांवड़ यात्रियों और आम नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।निरीक्षण के दौरान नारसन बॉर्डर से हरिद्वार तक यात्रा मार्ग पर सुरक्षा और यातायात व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। इस अवसर पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की दीपक रामचंद्र सेठ, तहसीलदार विकास अवस्थी, अपर तहसीलदार शुभांगिनी सहित पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।
