मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान कर मुख्यमंत्री ने बढ़ाया उत्साह, बोले— संस्कारयुक्त शिक्षा ही विकसित भारत की आधारशिला

सह संपादक नसीब कुरैशी

हरिद्वार, 27 जुलाई। विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षण संस्थान, उत्तराखंड की ओर से रुड़की स्थित आनंद स्वरूप आर्य सरस्वती विद्या मंदिर शिशु वाटिका में आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि शिक्षा तभी सार्थक है, जब उसमें ज्ञान के साथ संस्कार, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति का समावेश हो।मुख्यमंत्री ने कहा कि लगातार तीसरे वर्ष प्रदेश के मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करने का अवसर मिलना उनके लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सफलता केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि उनके अभिभावकों, शिक्षकों और विद्यालय की मेहनत का भी परिणाम है। उन्होंने विश्वास जताया कि आज सम्मानित हुए विद्यार्थी भविष्य में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर उत्तराखंड और देश का गौरव बढ़ाएंगे।उन्होंने कहा कि विद्या भारती ने भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों पर आधारित शिक्षा व्यवस्था के माध्यम से देशभर में संस्कारयुक्त शिक्षा का मजबूत वातावरण तैयार किया है। वर्ष 1952 में गोरखपुर से शुरू हुआ सरस्वती शिशु मंदिर आज देश का सबसे बड़ा शैक्षणिक परिवार बन चुका है। वर्तमान में देशभर में लगभग 13 हजार औपचारिक और 12 हजार अनौपचारिक विद्यालयों के माध्यम से करीब 45 लाख विद्यार्थियों को शिक्षा एवं संस्कार दिए जा रहे हैं। उत्तराखंड में भी 562 विद्यालयों में सवा लाख से अधिक विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने नई शिक्षा नीति को प्रभावी ढंग से लागू करते हुए शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, तकनीक आधारित और रोजगारपरक बनाया है। सरकारी विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, आईटी लैब, नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकें, जूते-बैग वितरण, मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन योजना, भारत भ्रमण कार्यक्रम, मॉडल कॉलेज, छात्रावास निर्माण तथा ‘कौशलम्’ कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से किसी प्रकार का खिलवाड़ न हो, इसके लिए उत्तराखंड में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और पिछले पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को पूरी पारदर्शिता के साथ सरकारी नौकरियां मिली हैं। साथ ही यूपीएससी, एनडीए और सीडीएस जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद आगे की तैयारी के लिए ₹50 हजार की आर्थिक सहायता भी दी जा रही है।मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि वे अपने ज्ञान, चरित्र, संस्कार और नेतृत्व क्षमता के बल पर विकसित भारत के निर्माण में योगदान दें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी और यही युवा भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने का आधार बनेंगे।कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आनंद स्वरूप आर्य सरस्वती विद्या मंदिर शिशु वाटिका के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण भी किया।इस अवसर पर विद्यालय की अध्यक्ष श्रीमती कौशल्या देवी आर्या, विद्या भारती के केंद्रीय संगठन मंत्री डोमेश्वर साहू, भारतीय शिक्षा समिति के मंत्री डॉ. रजनीकांत शुक्ला, आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. कमल किशोर पंत, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, मेयर अनीता अग्रवाल, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र सेठ, उपजिलाधिकारी देवेंद्र नेगी सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, शिक्षक, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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