हरिद्वार के लक्सर क्षेत्र अलावलपुर के निकट बाणगंगा में तालाब खुदाई की आड़ में हो रहा अवैध खनन, खनन माफिया काट रहे चांदी।

विवेक सैनी उत्तराखंड प्रभारी

हरिद्वार के लक्सर: कोतवाली क्षेत्र के गांव अलावलपुर के निकट बाणगंगा में तालाब खुदाई के नाम पर अवैध खनन का बड़ा खेल हो रहा है. प्रशासन द्वारा स्थानीयों को बाणगंगा में मछली पालन के लिए तालाब खुदाई की परमिशन दी गई थी. जिसका फायदा उठाते हुए खनन कारोबारी पोकलैंड और जेसीबी से अवैध खनन कराने में जुटे हैं. खनन माफिया ट्रैक्टर-ट्रॉलियों ओर डंपर के माध्यम से खनिज सामग्री स्टोन क्रशरों पर भेज रहे है.
तालाब की आड़ में हो रहा अवैध खनन
बता दें कि बाणगंगा में रात दिन अवैध खनन का खेल खेला जा रहा है. खनन माफिया बेखौफ होकर दर्जनों से भी ज्यादा ट्रैक्टर-ट्रॉली और डंपर से खनिज सामग्री ढुलान में लगाए हुए हैं. जबकि तालाब खुदाई के समय निकलने वाली खनिज सामग्री तालाब के किनारे लगाई जाती है. इसके विपरीत खनन माफिया खनिज सामग्री को स्टोन क्रशरों पर पहुंचा रहे हैं.
हालांकि ग्रामीणों ओर किसानों का कहना है कि बाणगंगा में तालाब खुदाई की आड़ में अवैध खनन किया जा रहा है. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि खनन माफिया और प्रशासन की मिलीभगत के चलते तलाब से निकलने वाला रेत और पत्थर स्टोन क्रशरों पर पहुंचाया जा रहा है.
गौरतलब है कि प्रशासन की टीम क्षेत्र में आए दिन गश्त पर रहती है. ओर इस के बावजूद अवैध खनन के कार्य को अंजाम दिया जा रहा है. इससे कहीं ना कहीं प्रशासन में बैठे अधिकारी, कर्मचारियों पर सवालिया निशान लग रहे हैं. बाणगंगा के क्षेत्र में कोई पट्टा ना होने के बाद भी स्टोन क्रशरों पर कच्चे माल के स्टॉक लगे हैं. लगातार रेत, डस्ट, बजरी स्टोन क्रशरों द्वारा सेल भी किया जा रहा है.

वहीं ग्रामीणों का कहना है कि तालाब खुदाई की परमिशन की आड़ में चल रहे अवैध खनन के खेल को प्रशासन तत्काल रोके. अधिकारियों के द्वारा दोषियों के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए. जिससे अवैध खनन पर पूर्ण रूप से अंकुश लगाया जा सके
आपको बता दें कि बाणगंगा में रात दिन अवैध खनन का खेल खेला जाता है।जगह-जगह गहरे गहरे गड्ढे खनन माफियाओं द्वारा किए जा चुके हैं।प्रशासन की टीम भी क्षेत्र में आए दिन गस्त पर रहती है। लेकिन फिर भी खनन माफिया बेखौफ होकर अपने कार्य को अंजाम देकर चांदी काट रहे हैं।आखिर क्या वजह है जो सरकारी टीम गस्त पर होने के बाद भी अवैध खनन के कार्य को अंजाम दिया जा रहा है। इससे कहीं ना कहीं प्रशासन में बैठे अधिकारी, कर्मचारियों पर भी सवालिया निशान लग रहे हैं, बाणगंगा के क्षेत्र में कोई पट्टा ना होने के बाद भी स्टोन क्रेशरो पर कच्चे माल के स्टॉक लगे हैं और लगातार रेत, डस्ट, बजरी स्टोन क्रेशरो द्वारा सेल भी की जा रही है, आखिर रेत, डस्ट, बजरी की सेल के लिए कच्चा माल स्टोन क्रेशर मालिक कहां से ले रहे है, यह भी अपने आप में एक बड़ा सवाल है, वही रात दिन सड़कों पर खनिज सामग्री से भरे ओवरलोड वाहन देखे जा रहे हैं। अब देखने वाली बात होगी कि शासन प्रशासन इन अवैध खनन करने वालों पर कब कार्यवाही होती है ।

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