लोकगायिका रिंकू राणा के निधन पर मुख्यमंत्री धामी ने जताया गहरा शोक, बताया लोकसंस्कृति के लिए अपूरणीय क्षति

सह संपादक ( नसीब कुरैशी )

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने थारू जनजाति की प्रसिद्ध लोकगायिका रिंकू राणा के सड़क दुर्घटना में हुए असामयिक निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रिंकू राणा का असामयिक निधन न केवल थारू समाज बल्कि पूरे सांस्कृतिक जगत के लिए अपूरणीय क्षति है।मुख्यमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा कि रिंकू राणा ने अपने लोकगीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से थारू समाज की समृद्ध परंपराओं, लोकसंस्कृति और लोकजीवन को व्यापक पहचान दिलाने का महत्वपूर्ण कार्य किया। उन्होंने कहा कि लोकसंस्कृति और लोकसंगीत के संरक्षण एवं संवर्धन में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि रिंकू राणा ने सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी प्रतिभा और समर्पण के बल पर लोकगायन के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई थी। उनके गीतों में थारू समाज की सांस्कृतिक विरासत, परंपराएं और लोकभावनाएं झलकती थीं, जिसने उन्हें क्षेत्र में लोकप्रिय बनाया।मुख्यमंत्री धामी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए शोकाकुल परिजनों, उनके प्रशंसकों और समस्त थारू समाज को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की है। उन्होंने कहा कि इस कठिन घड़ी में राज्य सरकार शोक संतप्त परिवार के साथ खड़ी है।

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