नसीब कुरैशी
नेशनल स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने वाले कुश्ती खिलाड़ी आतिश पहलवान ने एक बार फिर अपने प्रदर्शन से न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र और राज्य का नाम रोशन किया है। महाराष्ट्र में आयोजित राष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता में 92 किलोग्राम भार वर्ग में कांस्य पदक जीतकर उन्होंने देशभर में तीसरा स्थान हासिल किया।
इस उल्लेखनीय उपलब्धि के बाद उनके गांव इमलीखेड़ा में खुशी का माहौल देखने को मिला। सुराज सेवा दल के प्रदेश सचिव एवं पीरपुरा के प्रधान इंतजार ने आतिश पहलवान के निवास पर पहुंचकर उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने आतिश को नोटों की माला पहनाकर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
प्रधान इंतजार ने कहा कि आतिश की यह सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह पूरे उत्तराखंड और खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने बताया कि खेल के माध्यम से कई खिलाड़ी सेना, पुलिस, सीआरपीएफ, नेवी और रेलवे जैसी सेवाओं में नौकरी प्राप्त कर देश की सेवा कर रहे हैं।
उन्होंने आगे यह भी कहा कि राज्य सरकार को खिलाड़ियों के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देना चाहिए। साथ ही, जो खिलाड़ी राष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतते हैं, उन्हें सरकारी नौकरियों में प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इससे न केवल खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ेगा बल्कि अन्य युवाओं को भी खेलों के प्रति प्रेरणा मिलेगी।
आतिश पहलवान की यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि यदि लगन, मेहनत और सही मार्गदर्शन मिले तो गांवों से भी राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी उभर सकते हैं। उनका यह कांस्य पदक आने वाली पीढ़ी के लिए एक मजबूत संदेश है कि सपने बड़े देखो और उन्हें पूरा करने के लिए पूरी ताकत लगा दो।
