राव अफाक अली ने पेश की हिंदू-मुस्लिम कौमी एकता की मिसाल, बोले- ‘सुमन नगरवासी मेरा परिवार हैं’

सह संपादक नसीब कुरैशी

हरिद्वार।”भगवान श्री राम ‘इमाम-ए-हिंद’ हैं और उनके सच्चे अनुयायियों को केवल नारे लगाने के बजाय उनके उच्च आदर्शों व किरदार को अपने जीवन में उतारना चाहिए।” यह बात पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष राव अफाक अली और बीएचईएल (BHEL) रानीपुर से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मनोज धनगर ने श्री देव सुमन नगर (टिहरी विस्थापित कॉलोनी) में आयोजित 20वें वार्षिक रामलीला महोत्सव के दौरान बतौर मुख्य अतिथि कही।दोनों मुख्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से फीता काटकर रामलीला मंचन का विधिवत उद्घाटन किया। इस दौरान रामलीला मंच पर शूर्पणखा नासिका छेदन और रावण-शूर्पणखा संवाद के प्रसंग का जीवंत मंचन किया गया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।कौमी एकता और ‘वसुधैव कुटुंबकम’ का संदेशमंच से जनसभा को संबोधित करते हुए पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष राव अफाक अली ने कहा कि भारत की संस्कृति ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की रही है, जहां पूरा संसार एक परिवार के समान है। उन्होंने कहा, “मैं पिछले 20 वर्षों से इस रामलीला में लगातार शामिल होता आ रहा हूं। सुमन नगर का प्रत्येक निवासी मेरा परिवार है। मैं उनके हर सुख-दुख में हमेशा खड़ा रहा हूं और जीवन भर रहूंगा। सुमन नगर वासियों ने भी मुझे हमेशा अपने परिवार का सदस्य माना है।”इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि राव अफाक अली की वर्षों से इस रामलीला में भागीदारी गंगा-जमुनी तहज़ीब और हिंदू-मुस्लिम भाईचारे की एक अनुपम मिसाल है।अतिथियों का हुआ भव्य स्वागतरामलीला कमेटी के पदाधिकारियों ने मुख्य अतिथियों का फूल-मालाएं पहनाकर व स्मृति चिह्न भेंटकर गर्मजोशी से स्वागत व सम्मान किया।कार्यक्रम में कमेटी के अध्यक्ष मस्त राम जोशी, संरक्षक मोहन सिंह रावत, निर्देशक दिनेश लाल, मंच संचालक मनीष रावत सहित महेश कुमार, विकास गोस्वामी, विनय जोशी, दीपक स्वरूप, मदन लाल, नरेश भट्ट, परिवेश पवार, देव सिंह, अजय पवार भंडारी और देवेंद्र प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।वहीं, मुख्य अतिथियों के साथ पहुंचे पवन पाल, परवीन धनगर, साहिल कुरैशी, चांद कुरैशी और आबिद गुज्जर का भी रामलीला समिति द्वारा नागरिक अभिनंदन किया गया।

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