सह संपादक नसीब कुरैशी
हरिद्वार, 27 जुलाई। कुंभ मेला-2027 की तैयारियों को गति देने के लिए मेला प्रशासन ने निर्माण कार्यों की निगरानी और तेज कर दी है। सोमवार को अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती ने शहर में चल रही विभिन्न अवस्थापना विकास परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी कार्य गुणवत्ता के साथ पूरे करने के निर्देश दिए।निरीक्षण की शुरुआत खड़खड़ी मार्ग स्थित सूखी नदी पर निर्माणाधीन डबल लेन सेतु से हुई। अपर मेलाधिकारी ने पुल के एक पिलर के निर्माण में आ रही बाधा को देखते हुए सीवर लाइन शिफ्टिंग का कार्य प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से कहा कि कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए और निर्माण की गति बनाए रखते हुए तय समय में पुल का निर्माण पूरा कराया जाए।इसके बाद उन्होंने पेयजल निगम की लालजीवाला आईवेल से पावनधाम होते हुए सूखी नदी तक बिछाई जा रही राइजिंग मेन परियोजना का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि ₹90.31 लाख की लागत वाली इस योजना के तहत 1250 मीटर पाइप लाइन बिछाई जानी है, जिसमें से 1160 मीटर कार्य पूरा हो चुका है। परियोजना की करीब 95 प्रतिशत प्रगति पर संतोष जताते हुए अपर मेलाधिकारी ने शेष कार्य भी जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।बिल्केश्वर मंदिर क्षेत्र में भी निरीक्षण के दौरान कुंभ मेले के लिए प्रस्तावित पैदल यात्री अनुकूल फुटपाथ योजना की समीक्षा की गई। वन विभाग, पीआईयू और मंदिर प्रबंधन के प्रतिनिधियों के साथ करीब 300 मीटर लंबे फुटपाथ निर्माण को लेकर चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि लगभग ₹784.05 लाख की लागत से हरिद्वार में साढ़े चार किलोमीटर से अधिक लंबाई के आधुनिक फुटपाथ विकसित किए जाएंगे, जिससे श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सकेगी।अपर मेलाधिकारी ने अटल बिहारी वाजपेयी अतिथि गृह के अनुरक्षण एवं पुनरोद्धार कार्यों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी निर्माण एवं पुनरोद्धार कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित रूप से थर्ड पार्टी निरीक्षण कराया जाए, ताकि कुंभ मेले से पहले सभी परियोजनाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरी हो सकें।निरीक्षण के दौरान तकनीकी सेल के अभियंता अतुल शांडिल्य, पीआईयू, लोक निर्माण विभाग, वन विभाग, पेयजल निगम तथा ग्रामीण निर्माण विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
