हरिद्वार, 13 जून। ज्वालापुर क्षेत्र में फर्जी मुख्तारनामे के जरिए करोड़ों रुपये मूल्य की पैतृक भूमि बेचने का मामला सामने आया है। पीड़ित जेनुल आबेदीन की शिकायत पर न्यायालय के आदेश के बाद एक महिला समेत आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
पीड़ित जेनुल आबेदीन ने आरोप लगाया कि उनके पिता स्वर्गीय नजीर अहमद ग्राम अहमदपुर कड़छ, ज्वालापुर स्थित खसरा संख्या 1095 की 24 हजार वर्गफुट भूमि के सहखातेदार थे। आरोप है कि तनवीर अहमद पुत्र हाजी मोहम्मद अमीन अंसारी ने 6 दिसंबर 2004 को उनके पिता से मुख्तारनामा आम तैयार कराया था।
जेनुल आबेदीन के अनुसार उनके पिता का निधन 18 नवंबर 2008 को हो गया था, जिसके बाद कानूनन उक्त मुख्तारनामा स्वतः निरस्त हो गया। इसके बावजूद तनवीर अहमद ने कथित रूप से अन्य लोगों के साथ मिलकर वर्ष 2009 से 2012 के बीच उसी मुख्तारनामे का इस्तेमाल करते हुए भूमि के विभिन्न हिस्सों के बैनामे करा दिए।
मुकदमे में नामजद आरोपियों में मुस्तकीम पुत्र बशीर अहमद, गुलफाम अहमद, मुस्तकीम अहमद, मतलूब अहमद, श्रीमती कमर जहां, इम्तियाज अहमद, समीर अहमद तथा तनवीर अहमद शामिल हैं। पीड़ित का आरोप है कि सभी आरोपी इस तथ्य से परिचित थे कि नजीर अहमद का निधन हो चुका है और मुख्तारनामा निरस्त हो चुका है, फिर भी कथित रूप से साजिश के तहत भूमि का क्रय-विक्रय किया गया।
पीड़ित ने बताया कि उन्होंने 10 अप्रैल 2026 को थाना ज्वालापुर तथा 16 अप्रैल 2026 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार को शिकायत दी थी, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं होने पर उन्हें न्यायालय की शरण लेनी पड़ी।
न्यायालय के आदेश पर मुकदमा दर्ज होने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पीड़ित ने प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने और उनकी पैतृक भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराने की मांग की है।
