जनसुनवाई में डीएम मयूर दीक्षित का कड़ा रुख, 31 अगस्त तक लंबित शिकायतें न निपटीं तो अधिकारियों का रुकेगा वेतन

सह संपादक नसीब कुरैशी

हरिद्वार। जनपदवासियों की समस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे फरियादियों ने अपनी समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखीं। जनसुनवाई में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 70 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 34 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को शीघ्र समाधान के लिए भेजा गया।जनसुनवाई में राजस्व, भूमि विवाद, अतिक्रमण, विद्युत, जलभराव, पेयजल, राशन कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना सहित कई महत्वपूर्ण मामलों से संबंधित शिकायतें सामने आईं। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता की समस्याओं का प्राथमिकता और संवेदनशीलता के साथ समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।जनसुनवाई के दौरान मीरपुर मुआजपुर निवासी सुभाष चंद ने बारिश के पानी की निकासी के लिए सड़क के दोनों ओर नाली निर्माण की मांग रखी। वहीं धीरमजरा निवासी राम कुमार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराने की गुहार लगाई। बहादराबाद इंडस्ट्रियल एरिया निवासी सुचित्रा ने पति वेद प्रकाश के किडनी उपचार के लिए गोल्डन कार्ड से इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।जमालपुर कला निवासी रमेश कुमार ने भूमि पर अवैध कब्जे के प्रयास की शिकायत करते हुए राजस्व विभाग से जांच और पैमाइश कराने की मांग की। किशनपुर निवासी अर्जुन ने मकान क्षतिग्रस्त होने पर आर्थिक सहायता दिलाने, दिनारपुर निवासी गुरमेल सिंह ने भूमि तक पहुंचने के लिए रास्ता उपलब्ध कराने तथा लक्सर क्षेत्र के नेतवाला सेदाबाद निवासी रामकुमार ने भूमि की पैमाइश कराकर कब्जा हटाने की मांग को लेकर प्रार्थना पत्र दिया।जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन शिकायतों में स्थलीय निरीक्षण की आवश्यकता है, उनमें संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचकर समस्या का समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई में आने वाली प्रत्येक शिकायत का निस्तारण शासन की मंशा के अनुरूप किया जाना चाहिए।सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों पर डीएम का कड़ा रुखसीएम हेल्पलाइन में दर्ज लंबित शिकायतों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 36 दिन से अधिक समय से लंबित शिकायतों का हर हाल में 31 अगस्त तक निस्तारण किया जाए। यदि किसी अधिकारी द्वारा शिकायतों का समाधान नहीं किया जाता है तो संबंधित अधिकारी का अगस्त माह का वेतन आहरित नहीं किया जाएगा।समीक्षा में पाया गया कि सीएम हेल्पलाइन पर एल-1 स्तर की 382 और एल-2 स्तर की 98 शिकायतें लंबित हैं। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतकर्ताओं से स्वयं फोन पर वार्ता कर समस्याओं की जानकारी लें और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करें।बैठक में डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) जितेंद्र कुमार, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) वैभव गुप्ता, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आरके सिंह, परियोजना निदेशक नलिनीत घिल्डियाल, जिला विकास अधिकारी कमलेश कुमार पंत, सीओ सदर एसपी बलूनी, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी नलिनी ध्यानी, प्रोजेक्ट मैनेजर पेयजल निगम (गंगा) मीनाक्षी मित्तल, जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल, अधिशासी अभियंता जल निगम आरके गुप्ता, अधिशासी अभियंता यूपीसीएल दीपक सैनी, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में फरियादी मौजूद रहे।

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