गणेशपुर में धंसती सड़कें, मकानों में दरारें… कांग्रेस का जल संस्थान पर हल्लाबोलएडीबी के कार्यों की जांच की मांग, धरने पर बैठे कांग्रेस नेतासवाल—करोड़ों खर्च के बाद सड़कें क्यों धंस रही हैं? मकानों में दरारों का जिम्मेदार कौन?रुड़की। गणेशपुर क्षेत्र में लगातार धंस रही सड़कों और मकानों में पड़ रही दरारों का मामला अब सियासी तूल पकड़ता दिखाई दे रहा है। स्थानीय लोगों की समस्याओं को लेकर महानगर कांग्रेस ने जल संस्थान कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष एडवोकेट राजेंद्र चौधरी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पूरे मामले की तकनीकी जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग की।कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि गणेशपुर क्षेत्र में एडीबी के माध्यम से कराए गए कार्यों की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि, धरने के दौरान जल संस्थान के अधीक्षण अभियंता ने स्पष्ट किया कि संबंधित एडीबी योजना का कार्य उनके विभाग द्वारा नहीं कराया गया है। उन्होंने शिकायत से संबंधित पत्रावली भी कांग्रेस नेताओं के समक्ष रखी।कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेंद्र चौधरी ने कहा कि गणेशपुर के लोग अपने आशियानों को लेकर चिंतित हैं। लोगों की वर्षों की मेहनत की कमाई से बनाए गए मकानों में दरारें आना और सड़कों का धंसना सामान्य समस्या नहीं है। यदि विकास कार्यों के बाद सड़कें धंस रही हैं और मकानों की नींव प्रभावित हो रही है तो इसकी तकनीकी जांच जरूरी है।पूर्व मेयर गौरव गोयल ने कहा कि मामला केवल सड़क खराब होने तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों की जान-माल की सुरक्षा से जुड़ा है। उन्होंने क्षेत्र में विशेषज्ञों की टीम भेजकर सर्वे कराने और यह पता लगाने की मांग की कि आखिर सड़क धंसने तथा मकानों में दरार आने की वास्तविक वजह क्या है।कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महामंत्री सचिन गुप्ता ने कहा कि गणेशपुर की जनता भय और चिंता के माहौल में है। कांग्रेस पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ और जिम्मेदारी तय नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।जल संस्थान के अधिकारी से बातचीत के बाद निकला दूसरा रास्ताकाफी देर तक चले धरने के बाद जल संस्थान के अधीक्षण अभियंता धरना स्थल पर पहुंचे और कांग्रेस जिलाध्यक्ष व अन्य नेताओं से बातचीत की। अधिकारी ने बताया कि मामले की शिकायत विभाग को मिली है और संबंधित एडीबी योजना का कार्य जल संस्थान द्वारा नहीं कराया गया है। इस दौरान अधिकारियों ने संबंधित पत्रावली भी कांग्रेस प्रतिनिधियों को दिखाई।बातचीत के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेंद्र चौधरी ने पूर्व पार्षद संजय गुड्डू से चर्चा के बाद गणेशपुर में सीवरेज के लिए पैरेलल दूसरी लाइन बनाने का सुझाव दिया। जल संस्थान की ओर से इस सुझाव पर शीघ्र कार्रवाई करने की बात कही गई।कांग्रेस प्रतिनिधियों ने कहा कि मामले में मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई भी की जाएगी और यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो जनता को साथ लेकर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।सवाल नंबर-1: आखिर गणेशपुर में सड़कें बार-बार धंस क्यों रही हैं?सवाल नंबर-2: मकानों में आ रही दरारों की वास्तविक वजह क्या है?सवाल नंबर-3: क्या सड़क और सीवरेज कार्य की गुणवत्ता की तकनीकी जांच हुई है?सवाल नंबर-4: करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी जनता को ऐसी परेशानी क्यों झेलनी पड़ रही है?सवाल नंबर-5: अगर एडीबी का काम था तो उसकी निगरानी और गुणवत्ता की जिम्मेदारी किसकी थी?सवाल नंबर-6: जल संस्थान का कहना है कि काम उसके विभाग ने नहीं कराया—तो फिर संबंधित कार्यदायी संस्था कौन है?सवाल नंबर-7: क्या प्रभावित मकानों का सर्वे कराकर उनकी सुरक्षा का आंकलन किया जाएगा?सवाल नंबर-8: यदि जांच में लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों पर क्या कार्रवाई होगी?सवाल नंबर-9: क्या गणेशपुर में सीवरेज की पैरेलल लाइन बनाना समस्या का स्थायी समाधान साबित होगा?सवाल नंबर-10: सबसे बड़ा सवाल—अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई और कोई बड़ा हादसा हुआ तो उसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी होगी?कांग्रेस ने मांग की है कि गणेशपुर क्षेत्र का विशेषज्ञों की टीम से तकनीकी सर्वे, प्रभावित मकानों का आंकलन, सीवरेज व्यवस्था की जांच और संबंधित विकास कार्यों की गुणवत्ता व खर्च की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही दोषी पाए जाने वालों की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाए।धरने में कांग्रेस के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।
